मेरी सेक्स कहानी से मिली मुझे एक मस्त आइटम- 2

ओरल Xxx स्टोरी हिंदी में पढ़ें कि मिडल ईस्ट में रहने वाली एक NRI भाभी ने कैसे मेरे साथ होटल के कमरे में आकर लंड चूसने और चूत चटवाने का मजा लिया.

हैलो फ्रेंड्स, मैं अगम आपको अपने साथ हुई एक ऐसी सेक्स घटना को Xxx कहानी के रूप में लिख कर पेश कर रहा हूँ, जो कि आपको अन्दर तक झनझना देगी.

आपने मेरी इस Xxx कहानी के पिछले भाग
सऊदी में रहने वाली भारतीय लड़की से दोस्ती
में अब तक पढ़ा था कि फ़लक मेरे साथ बिस्तर में थी और हम दोनों चुम्बन का मजा ले रहे थे.

अब आगे ओरल Xxx स्टोरी हिंदी:

मैं चूमते हुए फ़लक के और नीचे को आ गया और एक हाथ उसकी कमर के नीचे डालकर उसे हल्का सा ऊपर कर लिया.
मैंने उसके ब्लाउज की डोरी खोल दी और उसका ब्लाउज उसके जिस्म से अलग कर दिया.

आह … ऐसा लग रहा था जैसे कि वो ब्लाउज खुद ही हटना चाह रहा हो.

उसके आर्मपिट्स पर एक भी बाल नहीं था. शायद उसने कल ही वैक्सिंग की होगी.

ब्लाउज के अन्दर उसने लाल रेशमी ब्रा पहनी थी, जिसमें से उसके कसे हुए दूधिया मम्मे बहुत अच्छे लग रहे थे. उसके मम्मे उस ब्रा में पूरी तरह नहीं आ रहे थे. उनका कुछ हिस्सा ऊपर से बाहर निकल रहा था.

मैंने पहले ब्रा के ऊपर से उसके मम्मों को किस किया. फिर उसके मम्मों के उस हिस्से पर किस करने लगा जो ब्रा से बाहर निकला हुआ था.
वो बहुत बैचैन होती जा रही थी.

फिर मैंने कुछ देर बाद उसकी ब्रा उतार दी और उसके मम्मों को अपने हाथों में ले लिया.
उसके दूध काफी टाइट थे. बिल्कुल ऐसे जैसे कोई गोल बैंगन हों.

मैंने उसके एक बूब को अपने मुँह में ले लिया, पर वो पूरा मेरे मुँह में नहीं आया. मैं उसके चूचुक को चूसने लगा. साथ ही दूसरे दूध को अपने एक हाथ से मसल रहा था.
अब उसने कामुक सिसकारियां लेना शुरू कर दी थीं.

मैं उसके दोनों मम्मों को हाथ से मसल रहा था और चूस रहा था.
इससे वो और उत्तेजित हो रही थी.

कुछ देर ऐसा करने के बाद मैंने उसके एक निप्पल पर हल्का सा काट लिया, जिस पर उसने एक मीठी सी आअह भरी और मुझे चूम लिया.

मैं धीरे धीरे नीचे को जाने लगा. मैं उसे किस करता जा रहा था और वो मचली जा रही थी.

फिर मैंने उसकी नाभि पर किस किया, वो और पागल हो गयी.
ऐसा लग रहा था कि उसे इस सबकी कुछ उम्मीद ही नहीं थी, न ही खबर थी कि ऐसा भी कुछ होगा.

मैं नीचे आ गया और पैंटी पर से ही उसकी चूत पर एक किस किया.

मैंने देखा कि उसकी पैंटी पूरी गीली हो चुकी थी.
चुत पर चुम्मी लेते ही वो एकदम से सिहर उठी. उसने दांतों से होंठ काटना शुरू कर दिए थे. उसके हाथ मेरे सर पर जमे हुए थे.

मैंने धीरे से उसकी पैंटी निकाल दी और उसकी चूत की बगल में किस करने लगा.

वो और भी ज्यादा उत्तेजित हो गई. वो मेरा सिर बार बार अपनी चूत पर दबाने लगी और बोलने लगी- चूस लो इसे … आह इसे खा जाओ.

पर मैं अभी उसे और तड़पाना चाहता था तो उसकी चूत पर अभी बस एक किस किया था.

मैं फिर से उसकी जांघों पर किस करने लगा और अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी.
वो उंगली चुत में पाते ही सिसकार उठी और गांड हिलाने लगी.

मैंने दूसरी उंगली भी चुत में पेल दी. अब मैं अपनी उन दोनों उंगलियों को अन्दर बाहर करने लगा और उसकी जांघों को चूमने लगा.

कुछ पल बाद उससे रहा नहीं गया. वो गाली देती हुई बोली- साले कुत्ते इसे चाट न!
मैंने कुछ नहीं कहा, बस चुत में उंगलियां अन्दर बाहर करता रहा.

उसने फिर से कहा- आह हरामजादे इसे चाट न … मेरी चूत खा जा!
मैंने अब भी चुत नहीं चाटी.

अब वो एकदम से हटी और उसने मुझे पीछे धक्का दे दिया. वो खुद बेड पर अपने पैर मोड़ कर बैठ गयी और मुझे नीचे खड़ा कर दिया.

एक झटके से मेरी जींस का बटन खोला और मेरी जींस को नीचे कर दिया.
मेरा लंड मेरे अंडरवियर से बाहर आने को मचल रहा था. मुझसे भी संयम नहीं हो रहा था.

उसने पहले मेरा लंड अंडरवियर में से ही पकड़ा और झटके से मेरा अंडरवियर भी नीचे कर दिया.
अगले ही पल मेरा मूसल उसके सामने था.

उसने मेरे लंड को अपने कोमल हाथों से पकड़ लिया.
उसके हाथों का स्पर्श पाते ही मैं बैचैन हो गया और अपना लंड आगे करने लगा.

फिर उसने पहले मेरे लंड पर 5-6 किस किए और उसे मुँह में ले लिया.
उसके होंठों ने जैसे ही मेरे लंड को छुआ, वो और भी खतरनाक हो गया.

वो मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी; मेरे लंड को पूरा मुँह में लेना चाहती थी पर मेरा आधा ही लंड उसके मुँह में जा पा रहा था.

फिर उसने मेरा लंड अपने गले तक अन्दर उतारा और पूरा लंड मुँह में लेकर रुक गई.
उसकी सांसें रुकने लगीं, तब उसने मेरा लंड बाहर निकाला.

वो फिर से लंड चूसने लगी.
मैं उसके बाल पकड़ कर उसे अपना लंड चुसा रहा था.

फिर मैंने उसका सर पकड़ा और उसके मुँह में ही धक्के मारने शुरू कर दिए.

पर कुछ ही देर में वो पीछे हुई और अपनी चूत की तरफ इशारा करके बोली- इसे भी चाटो न प्लीज़.

मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसके ऊपर 69 में उल्टा लेट गया. मैंने उसके मुँह पर लंड रखा और अपना मुँह उसकी चूत पर रखा.
हम दोनों 69 की पोजीशन में आकर एक दूसरे को चूसने लगे.

कुछ देर में वो अकड़ने लगी और मेरे मुँह पर झड़ गयी. मैंने उसका सारा पानी पी लिया.

फिर मैं उठा और उसे अपनी ओर खींच कर उसकी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया.
उसकी चूत बहुत गीली थी, तो मैंने उस पर अपना लंड रख दिया और रगड़ने लगा.
वो लंड लेने के लिए बैचैन होती जा रही थी.

मैंने ज्यादा देर न करते हुए एक धक्का दे मारा लेकिन मेरा लंड फिसल गया. मैंने फिर से उसकी चूत पर अपना लंड सैट कर दिया.

अब उसने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा और मैंने एक धक्का मारा जिससे मेरे लंड के आगे का हिस्सा उसकी चूत में चला गया.

उसे हल्का सा दर्द भी हुआ, उसके मुँह से आह निकली.
वो थोड़े नकली से नखरे करती हुई बोली- प्लीज़ रुक जाओ, मेरी फट जाएगी.

मैंने कहा- बेबी क्या हुआ … तुम्हारी तो पहले से ही फटी हुई है. बस ये अब थोड़ी और बड़ी हो जाएगी.

इस पर उसने कुछ नहीं बोला, वो तो चुदने को पूरी तैयार पड़ी थी, बस जानबूझ कर बोल रही थी.

वैसे मुझे उसकी चुदाई की तेज आवाजों की कोई दिक्कत नहीं थी क्योंकि हम होटल में थे और रूम से आवाज बाहर जाने वाली नहीं थी.

मैंने उसे किस करते हुए एक जोर से धक्का मारा, जिससे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया.

वो बहुत तेज चिल्लाई- आआ अह्ह … मर गई … आह मेरी फट गयी … मैं मर गयी … बाहर निकालो इसे … आह मैं मर जाऊंगी.
उसे बहुत दर्द हो रहा था तो मैं ऐसे ही रुक गया और उसे किस करने लगा, उसके मम्मों को दबाने लगा.

कुछ पल बाद उसका दर्द कम हुआ तो वो खुद ही थोड़ा ऊपर नीचे होने लगी.

जब मैंने उसे ऐसे करते देखा तो मैं समझ गया कि इसका दर्द कम हो गया है.
मैंने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू कर दिए.

वो ‘आअह ऊऊह आहह हह …’ की मादक सिसकारियां लेने लगी.

फिर वो कुछ देर बाद बोली- आह मजा आ रहा है … अब थोड़ा तेज तेज करो.

मैंने अपनी स्पीड एकदम से बढ़ा दी जिससे उसे फिर से दर्द होने लगा.
वो बोलने लगी- बाबू इतनी भी तेज नहीं … तुम आराम से ही कर लो.
पर मैंने अब उसकी एक न सुनी और वो चिल्लाती रही- आअह हईई हह्ह आययी ईइ!
उसकी मीठी आवाजें निकलती रहीं और मैं बस तेजी से धक्के मारता रहा.

फिर वो अगले कुछ ही पलों में अकड़ने लगी और झड़ गयी.
वो झड़ कर ऐसे ही निढाल लेटी रही.

मुझे उसकी चूत की अकड़न अब भी महसूस हो रही थी. उसकी चूत टाइट होती जा रही थी और पानी बाहर निकल रहा था.

मैं दो मिनट रुका और जब उसे होश सा आया तो वो मेरी आंखों में वासना भरी निगाहों से देखने लगी.
मैंने अपना लंड बाहर निकला और देखा कि उसकी चूत से पानी आ रहा है और साथ ही हल्का सा खून भी निकल रहा था.

मैंने देखा कि मेरे लंड पर भी खून लगा हुआ था. सच में उसकी चूत काफी टाइट थी जो आज फ़ट गयी थी.
फिर मैंने अपने लंड से और उसकी चूत से खून साफ़ किया.

वो बोली- क्या खून आ रहा है?
मैंने कहा- अरे कुछ नहीं बाबू … सब सही है.

वो फिर से कुछ बोलती, उससे पहले मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से बंद कर दिए.
फिर जब वो रिलैक्स हुई तो मैंने उसे कुतिया बनने को कहा.

वो झट से डॉगी बन गयी.
मैं उसके पीछे आ गया, मैंने उसको कमर से पकड़ा और आराम से अपना पूरा लंड धीरे धीरे करके उसकी चूत में पेल दिया.
उसे दर्द हुआ पर वो कुछ न बोली.

फिर मैंने धक्के मारने शुरू कर दिए और शनै: शनै: उसकी चूत में धक्के तेज करता गया.
केवल 5 मिनट बाद वो बोली- ये पोजीशन तो मैंने पहले भी की है, कोई नयी पोजीशन में मेरी ठुकाई करो न!

मैंने पूछा- तुमने कौन कौन सी पोजीशन में सेक्स किया है?
वो बोली कि वैसे तो काफी सारी पोजिशन में सेक्स किया है, पर सबसे ज्यादा बार सीधे लेट कर और एक डॉगी स्टाइल में ही किया है. तुम इसके अलावा कुछ और तरह से करो.

मैंने कहा- ओके जान … मैं एक नयी पोजीशन में करता हूँ. जिससे तुम सिर्फ चीखोगी.
वो बोली- तुम ऐसा कुछ नहीं कर पाओगे.

मैंने उसे अपनी गोदी में उठा लिया. उसका एक पैर बेड पर और एक पैर मेरे हाथ में रख कर खड़ा कर दिया. साथ ही उसकी कमर दीवार से अड़ा दी. फिर उसे किस करते हुए इतना नीचे किया, जिससे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया.

अपनी चुत में लंड घुसवाते ही वो थोड़ा चिल्लाई मगर मैंने उसकी आवाज को अनसुना करते हुए धक्के मारने शुरू कर दिए.

उसकी गांड जबरदस्त उछल रही थी और उसके मम्मे तो ऐसे उछल रहे थे जैसे निकल कर कहीं भाग ही जाएंगे.

मैं उसे किस करने लगा पर उसे बहुत दर्द हो रहा था.

वो कराहती हुई बोली- जान, मुझे बहुत दर्द हो रहा है.
मैंने उससे कहा- क्यों अब क्या हुआ कुतिया कमीनी, तुझे ही नयी पोजीशन ट्राई करनी थी … साली रंडी अब दर्द हो रहा है.

इस पर वो मायूस हो गई.
मैंने उसकी ओर देखा और पूछा- क्या हुआ?

तो वो बोली- तुमने मुझे रंडी क्यों कहा, मैंने तुम्हारे साथ सेक्स किया तो तुम मुझे रंडी बोलोगे?
मैंने उससे कहा- रंडी का काम क्या होता है … सेक्स करना. पर वो सबके साथ सेक्स करती है, जबकि तुम मेरे साथ करती हो … इसलिए तुम सिर्फ मेरी ही रंडी हो.

इस पर वो थोड़ा मुस्कुराई और मुझे किस करके अच्छे से चुदने लगी.

जैसे ही उसकी चूत में मेरा लंड जाता, वो उछलती और दर्द से कराह उठती ‘आहह हह आअ ह्हह ऊऊह्ह …’
उसकी आवाज मेरे कानों में मिश्री सी घोलती.

कुछ देर बाद वो फिर से झड़ गयी और मेरे ऊपर गिर गयी.

मैंने उसे संभाला, मैं बोला- बस मेरा भी होने वाला है … जल्दी से बताओ … मैं कहां निकालूं?
वो बोली- मुझे अपने मुँह में झड़वाना है.

मैंने उससे ओके कहा और उसकी चूत से लंड निकाल लिया.
वो झट से घूम कर बेड पर बैठ गई और मेरा लंड चूसने लगी.

वो अबकी बार और भी ज्यादा मजे से मेरा लंड चूस रही थी.

कुछ देर आराम करने के बाद हमारे बीच फिर से घमासान चुदाई हुई.
मेरा लंड फिर से उसके मुँह में झड़ गया और उसी के ऊपर बेड पर लेट गया.
वो मेरा सारा पानी पी गयी और उसने मेरा पूरा लंड चाट कर साफ़ कर दिया.

फिर मैं सीधा लेट गया और वो मेरे ऊपर अपना सर रखकर मुझसे लिपट कर लेट गयी.
तब लगभग 3:30 बज रहे थे.

वो बोली- जान तुमने मुझे आज खुश कर दिया. मैं बहुत खुश हूँ.

मैंने कहा- तुमको दर्द भी तो हो रहा था.
वो बोली- इस खुशी के सामने दर्द कुछ नहीं था.
मैंने उसके माथे पर एक किस किया और उससे चिपक गया.

वो बोली- एक बात बताओ, तुमने मुझे इतनी देर तक कैसे चोदा? इतनी देर तक तो किसी की टाइमिंग नहीं होती.
मैंने उससे कहा- यही तो तुम्हारा दूसरा सरप्राइज है. मैंने ख़ास तुम्हारे लिए टेबलेट ली थी, जिससे टाइमिंग बहुत ज्यादा बूस्ट हो जाती है. कैसे लगे दोनों सरप्राइज?

वो बोली कि ये इस दुनिया के सबसे अच्छे सरप्राइज थे जान … आई लव यू. आज मैं बहुत खुश हूँ. आज जो तुम बोलोगे, मैं वो करूंगी. तुमको जो भी चाहिए, मुझे बताओ.
मैंने कहा- मुझे तुम चाहिए.

वो बोली- मैं तो तुम्हारी ही हूँ.
इस पर हमने एक दूसरे को फिर से किस किया और लेट गए.

फिर वो बोली- आज तुम मुझसे कुछ भी मांग लो.
मैं बोला- ठीक है, जब मेरा मन होगा, मैं खुद ही मांग लूंगा.

हम दोनों लेटे रहे, फिर चिपक कर सो गए.

दोस्तो, फ़लक के साथ चुत चुदाई का मजा अभी तो शुरू हुआ है. आगे किस तरह से फ़लक ने मुझे अपनी चुत और गांड चुदाई का मजा दिया, वो आपके सामने लिखूँगा.

आप मेरी इस ओरल Xxx स्टोरी हिंदी के लिए अपने मेल जरूर करें.
धन्यवाद.