मौसी, ममी ओर बेटे की कहानी

मेरा नाम विभा है, आज की कहानी है मेरी ओर मेरे बेटे विशाल मे कैसी चुदायी हुई उसकी, जो मै आप को अलग शब्दों मे बताने वाली हु

विभा की उम्र 46. उसके पति नही है, बेटे विशाल ओर माँ के साथ याने विशाल की दादी के साथ रहती है. विशाल जॉब करता है बाहर अच्छा खासा कमाता है वो, ओर जॉब बाहर था तो कभी कबार बीच बीच मे घर आता है. पे भी भेज ता था घर पर.

थोडा विभा के बारेमे बताती हु, जैसे मैंने कहा उसकी उम्र 46 ऊंची पाच फीट छे इंच है, थोड़ी चुबी है चालीस मंमे इकतीस की कमर पैंतालीस चुतड़ ऐसी फीगर है डबल D की ब्रासाइज़ लगती है उसको. विभा चस्मा पेहनती वो दिखने मेभी काफी strict ही दिखती है नाके वो strict ही है, स्वभाव से एकदम convent teacher की तरह लगती है.

उसकी एक संध्या नाम की छोटी बेहन भी है उसका डिवोर्स हो चुका है, वो उसके घर के पीछे की दो तीन लेन छोड के रहती है वो भी अकेली, विभा ओर संध्या दोनो मे कभी कभी अनबन होती है इसलिए संध्या अकेले रेह ना जादा पसंद करती है. विभा काफी स्ट्रीक्त है ओर संध्या फ्री मैंडेड है, विभा के रीति रिवाज रूल्स काफी होते है जो संध्या कभी पसंद नहीं करती इसलिए संध्या उनसे दूर रहना ही जादा पसंद करती है. वो भी विभा जैसे ही थोड़ी चुबी है उसके साइज़ के बारेमे आप को बाद मे पता चलेगा.

अब आगे बढ़ते है
जैसे के मैने कहा विशाल तो जॉब के सिलसिले मे हमेशा बाहर ही रहता है ओर बीच बीच मे घर आता है,
उसके यहा फ़्रेंड्स नहीं जादा तो वो घर ही जादा होता है. वो आता तो संध्या के घर आना जाना ओर संध्या का हमारे घर आना जाना चलता था. कयी बार तो वो दिन भर बाहर रहता दोस्तो के साथ.

एक दिन तो ऐसा हुआ वो नहाने चलागया उसका मोबाइल बज रहा था ओर कुछ मेसेज भी आरहे थे, तभी विभा ने देखा तो वो संध्या के कॉल थे, मेसेज भी संध्या के थे. एक दो पढे विभाने जो नोटिसीफीकेश मे दीख रहे थे,
विशाल तुम कब आरहे हो,
मै इन्तजार कर रही हु,
ममी को क्या बता रहे हो,
जल्दी आओ मै इन्तजार कर रही हु,
ऐसे ही कुछ मेसेज थे.

थोड़ी ही देर मे विशाल आया बाथरूम के बाहर विभा ने उसे ब्रेकफास्ट करने कहा तभी उसने कहा “मै बाहर जा रहा हु थोड़ा जल्दी मे हु” विभा ने कहा “अरे बेटा लेकिन थोड़ा तो ब्रेकफास्ट करले” उसने कहा “ममी मै बाहर ही कर लूंगा, डोंट वरी ममी” ओर तुरंत ही निकल गया. फिर वो घरेलू काम मे लग गयी अब सुबह के दस बजे थे

थोड़े ही देर मे विभा का मोबाइल बजा मेसेज था संध्या से
“विभा दीदी एक चक्कर मारना मेरे घर करीब तीन बजे, खाली देखना सब ठीक ठाक है के नहीं, एक्सट्रा चाबी तो आप के पास है ही”
विभा ने भी मेसेज भेजा “ओके, देख लूँगी”
संध्या थोड़ी भुलक्कड है, नल, गैस चालू रहनेका डर हमेशा विभा को होता है. विशाल का तो कुछ पता नही था, विभा तीन बजे संध्या के घर गयी. सब देख रही थी तभी उसे कुछ हलचल सुनाई दी, थोड़ी आगे गयी, बाथरूम का डोर थोड़ा खुला था, अंदर पर्दा था उसके पीछे बाथटब, कुछ आवाजे सुनायी दी, देखा तो वो शॉक हो गयी, विशाल संध्या को याने इसकी छोटी बहन को बाथरूम मे चोद रहा था, उसने तुरंत ही निकलनेका सोचा लेकिन फिर थोड़ा देख ही लू, दोनों की बाते सुनने लगी. बाहर गयी दरवाजे को अंदर से कुंडी लगाके बाते सुनने लगी. वो हलचल संध्या भी समझ गयी उसे मालूम था विभा बाथरूम के बाहर है उसनेभी पर्दा थोड़ा खोला ताके उसे भी मज़ा देना चाहती थी, लेकिन उसने ऐसा दिखाया के उसे भी कुछ मालूम नही.

संध्या बोलने लगी वो चाहती थी के विभा भी सुने.
संध्या ने विशाल को कहा “ohhhh आ मज़ा आरहा है चोद मुझे चोद, अरे विशाल थैंक यू, तू बिना भूल के हर महीने मुझे भी पैसे भेज ता है, कभी कभी तो तु मुझे मेरे पति जैसा ही लगता है, काश मै तेरेसे शादी करती ohhhh ouch काश हमारी शादी होती ohhhh ouch ओर चोद मुझे”

विशाल भी बोला “हा संध्या मौसी, मै भी यही चाहता हु, हमारी शादी हो, ओर पैसो का क्या मै जभी आता हु तुम मुझे चो‍दने देती हो वो कुछ कम है थैंक यू तो मै बोलूंगा के लास्ट टाइम तुम बेगलोर मे आयी मेरे साथ कुछ दिन गुजारे वहा”

एक तरफ विशाल ओर संध्या की चुदायी चल रही थी साथ मे बाते भी.

संध्या मौसी बोली “ohhhh विशाल तुम बुलाओगे ओर मै ना आऊ, ऐसा हो ही नही सकता मालूम है मुझे बहाना बनाके आना पड़ा था तेरे पास, तुम्हारी ममी के साथ काफी बहेस हुयी, ohhhh विशाल i love you देख लेकिन मैं आयी ना तेरे पास, तुम्हारी ममी बहुत नाटक कर रही थी उसके बाद ही मैंने ये जगह ली, ताके हमे थोडी आझादी मिले, Ohhhh विशाल तुम रोक ना मत चोदो मुझे, ohhhh please चोदो मुझे
I love you ohhhh चोदो”

विशाल ने कहा “my darling संध्या मौसी हा ना, मेरी ममी भी जादा strict ही बनती है, वो आज भी मुझे छोटा बच्चा ही समझती है, वो शायद भूल गयी अब मै बच्चा नही रहा, हर चीज मे टाँग अड़ाती है”

संध्या मौसी बोली “हा रे विभा दीदी वो वैसी ही है, अभी भी ना समझ है इस उम्र मे उसे अभी भी maturity नही आयी”

संध्या ये सब जानबूझ के बोल रही थी, ताके विभा को भी पता चले.

संध्या मौसी बोली ” अरे विशाल you don’t worry मै हु ना, मै तो तुम्हें mature ही समझ ती हु, दे रहीहु न चोदने तुम्हें, don’t worry विशाल you just fuck me harder, I love your long dick, ohhhh विशाल तुम्हारा लंबा मोटा लंड मुझे पसंद है, ohh dear विशाल Love you विशाल fuck me harder fuck me चोदो ओर चोदो मुझे”

ये सब बाते बाहर विभा याने विशाल की ममी सुन रही थी, जो विशाल अपने ममी की छोटी सगी बहन याने इसकी मौसी को पीछेसे चोद रहा था बाथरूम मे.

संध्या मौसी बोली “ohhhh विशाल love you, विशाल एक सवाल पूछ ना चाहती हु तुम्हें, Ohhhh विशाल so nice ohhhh dearr it’s really big fun to fuck with you”

विशाल ने कहा “हा क्यो नही, पूछो संध्या मौसी”
संध्या मौसी बोली ” सच सच बताना, please no hiding ok. Ohhhh dear fuck me fuck me more, I want your hard dick”
विशाल बोला “हा dear संध्या मौसी no hiding” दोनों मे चुदायी जारी थी. संध्या मौसी बोली ” क्या तुम्हारे दिल मे अपनी ममी को चोदने के विचार आये है? सच सच बता”

विशाल ने कहा “हा संध्या मौसी, मेरे दिल मे भी ममी को चोद ने के खयाल आये है, याद है जब मैने पेहेली बार तूझे चोदा था उसके बाद मेरे दिल मे ममी को भी चोद ने के विचार आने लगे, हा लेकिन”

संध्या मौसी बोली “हा लेकिन क्या, बताओ dear”
विशाल ने कहा “अरे संध्या मौसी, तुम्हे तो पता है के मम्मी कितनी strict हैं, दिखती भी है एकदम convent school teacher जैसी, ओर तु तो जानती है वो कैसी है”
संध्या मौसी बोली “अरे विशाल तूने कभी try नही किया ममी को seduse करने का”
विशाल ने कहा “ohhhh संध्या मौसी क्या बोल रही हो, उस frusted ममी किसको interest होगा seduse करने का”

संध्या मौसी बोली “अरे, विशाल ऐसे स्ट्रिक्ट दिखने वाली औरत ही जदा सेक्स की भूखी होती है, सोच तेरी मम्मी में कितनी सेक्स की वासना भरी होंगी”

विशाल ने कहा “ओह, ऐसा क्या, क्या सच में मेरी मम्मी भी चुदाई चाहती होगी”

संध्या मौसी बोली ये सब जाने दे “तु जादा सोच मत, तु रात को मेरे घर आता है सोने ये उसे मालूम है क्या तेरी मम्मी को”

विशाल बोला “नही संध्या मौसी मै तो दोस्तो के नाम से आता हु”

ये सब बाते विभा सुन रही थी. संध्या भी जानबूजके तीर्ची नजर से बाथरूम के दरवाजे के ओर देख कर ही बाते कर रही थी. संध्या बाते करते वक़्त सेक्स भरी आवाजे भी निकाल रही थी. यह सब देख के सुनके विभा मे भी उत्तेजना बढ़ रही थी.

संध्या मौसी बोली “ohhhh विशाल ऐसा क्या बोलता है ममी को, frusted woman है, ohhhh you fuck me dear love you dear, अरे तु जानता है तुझे कितना मजा आयेगा अपनी ममी को चोदने मे तू नही जानता, ओरत जितनी strict होती है उतनी ही wild होती है चुदायी मे, वो मेरेसे जादा सूख देगी तूझे चुदायीमे, ohhhh dear विशाल तु उसकी फिगर सुनेगा तो पागल होगा, मुझ से भी बडी साइज़ है उसकी मेरी तो अड़तीस-इकतीस-इकतालीस मै, तो B साइज़ का ब्रा पहनती हु अरे तेरी ममी की साइज़ जानता है, अरे तेरे ममी के मंमो को देखा
चालीस के है बडे बडे इकतीस की कमर है उसकी, नाभी देखी उसकी कितनी गेहरी है, पैंतालीस की चुतड़ है इसकी अछी खासी फैली हुयी, मजा आएगा तूझे उसकी चुतड़ मारने, एकदम टकाटक मस्त फिगर है उसकी डबल D की ब्रा साइज़ है उसकी, ऊपर से मेरे से भी गोरी, 41 की चुतड़ है उसकी सोच कितना मज़ा आएगा तूझे उसकी चुतड़ चुदवाने मे, वो इतनी गोरी है के तेरे चुदायी के झटकोसे लाल लाल हो जाएगी, ohhhh विशाल fuck me harder ohhhh dear i am cumming I am cumming, मै अब झड़ने वाली हु, put your cum inside me ohhhh विशाल डाल tera चीक मेरे चुत मे, fill my pussy with your hard cum ohhhh dear ohhhh Aa O dear cum inside me” अब दोनों उस परिसीमा पे पहुचे थे.


विशाल ने भी एक जोर का झटका दिया ओर “संध्या मौसी I Love You dear, I am Cumming dear मै भी झडनेवाला हु, Ohh dear येलो पूरा पानी अपने चुत मे लेलो”

संध्या ने भी इतनी उत्तेजना दिखायी के विभा को अब रहा नही गया, वो भी तुरंत ही उसके घर से निकल गयी, ओर अपने घर आके विशाल के नाम से हस्थमैथुन करने लगी, अपने चुत मे उंगली, केला, खीरा डालने लगी.

यहा अब विशाल ओर संध्या सो गए. अब शाम हो चुकी थी छे बजे थे, विशाल बाहर गया था यही देख के संध्या भी विभा याने विशाल की ममी के घर गयी.

संध्या ने बेल बजायी विभा ने दरवाजा खोला,
दोनो ने एक दूसरे को नजर दी, गर्दन नीचे रख कर संध्या अंदर आगयी, बाहर लिविंगरूम मे दादी बैठी थी सोफे पे, बाजू के सोफा चेयर पे संध्या बैठ गयी, थोड़ी इधर उधर की बाते हुयी, विभा भी संध्या के सामने ही बैठी थी, बीच बीच मे दोनो एकदूसरे की आखो मे देख रहे थे. थोड़ी देर मे विभा ने कहा “संध्या चाय लोगी”
संध्या ने भी हा कहा, किचन मे जाते हुये विभा ने संध्या को नजर दी, संध्या समझ गयी. संध्या ने दादी को कहा “माँ आप बैठो मै हु विभा के साथ किचन मे”

विभा ने चाय बनायी, दोनो बहने dining table पे chair पे बैठे आमने सामने. विभा एकदम चुप थी,
संध्या ने ही topic शुरु किया ” देखा ना दीदी आज तूने, अब तेरा विशाल बडा हो चुका है, देखा ना दीदी वो तेरे बारेमे क्या सोचता है वो, उसे तु आज भी amature लगती हो सोचने के मामले मे”

विभा ने कहा “संध्या लेकिन ये सब गलत है मै उसकी ममी हु” संध्या ने कहा “वो अब बडा है, गलत बीलत कुछ नही ओर ये सब बाते घर घर ही रहेगी, तु कब तक केले ओर खीरा का सहारा लेगी, एक बार उसको चांस दे, मै तो कहती हु के तु एक बार उससे चुदवाले फिर देख बादमे तुम दोनो का relation ये relationship मे turn होगा” हा ना करते करते finally विभा ready होगयी अपने ही बेटेसे चुदवाने. विभा ने कहा” लेकिन मै face पे scarf लपेटलूंगी. ठीक है” संध्या ने कहा” हा क्यो नही, लेकिन तु ऐसे कपडे या साड़ी पेहन ले जो उसने कभी देखी नही, तुम्हारी चुदायी आज रात मेरे ही घर होंगी, यहा आज रात मै रुकती हु, तुम माँ को बताना आज रात तुम्हें सहेली के साथ hospital मे रुक ना है, ओर सुन मै विशाल को बोलूंगी के तुम्हे मेरी एक सहेली को चोदना है वो काफी टाइम से तड़प रही है, तुम स्कार्फ ही पहनना face पे, ओर एक बात विशाल रात को थोडा पी के आएगा, मै ही पीलाउंगी उसे बाहर लेके जाके, तुम भी पीलेना थोड़ी daring आएगी मेरे फ्रिज के बाजू मे रखी है व्हिस्की ओके ”

विभा ने कहा “ठीक है”

संध्या ने कहा “तुम मै बोलूंगी वैसे ही करना, तुम विशाल को भी यही बताना के सहेली के पास रूक ने के लिए hospital जारही हो, मै बोलूंगी तब आना ओर किसी पड़ोसी को रखना माँ का खयाल रखने मै आनेतक”

विभा ने कहा “संध्या एक पूछू, तुम्हारा ओर विशाल का कब से चल रहा है”

संध्या ने विभा के ओर देखा smile देते हुए कहा “सच बताऊं हमारा चार सालो से चल रहा है, अब थोडे ही महीनो मे पाच साल होंगे, हम वो celebrate भी करेंगे, don’t worry दीदी तुम्हें मजा आएगा विशाल के साथ” smile देके संध्या चली गयी. विभा भी surprise face लेके वही खड़ी रही कुछ देर.

फिर संध्या वहा से चली गयी, विशाल को बोला रिक्वेस्ट की “आज रात तु मेरी एक तड़पती हुयी सहेली की चुदायी कर” विशाल भी हा बोला लेकिन वो बोला के मै उसे फेस नही दिखाऊंगा स्कार्फ लपेटुंगा. संध्या मान गयी.

अब रात के करीब 11 बज रहे थे विभा अब संध्या के घर आगयी थी, चेक किया घर के सब लाईट और खिडकीया बंद है के नही. फ्रेश होके वो बेडरूम मे आयी. अपने सब कपडे उतारे पुरी नंगी खडी थी आयीने के सामने. उसके बेडरूम मे थी वो व्हिस्की के कुछ पैक पी चुकी थी, अब उसने खाली ऊपर दूप्पटा लपेटा था ओर कमर के नीचे भी एक दूप्पटा जो उसके नाभी के नीचे था, वैसे ही थोड़ी देर आयीने के सामने खडी रही, वो संध्या के बेडरूम मे ही थी.

यहा थोड़ी ही देर मे विशाल आगया,
संध्या ओर विशाल मे कुछ बाते हुयी, तुरंत ही संध्या वहासे निकल गयी. विशाल ने भी कुछ व्हिस्की के पैक पीए, फ्रेश हुआ फिर से व्हिस्की के पेक पिये थोड़े ओर बेडरूम मे गया. उसने कमर पर रेड silky कपड़ा लपेटा था, उसमे से भी उसका तना हुआ लंड बाहर आने के लिए तैयार था. दरवाजा बंद किया विभा उसके सामने ही खड़ी थी, रूम मे हल्कासा बेड लॅम्प का उजाला था.

काफी देर विशाल देख रहा था विभा को, विभा देख रही थी विशाल को, फिर उठके विभा के तरफ आया मेरे माथे को किस किया, लबक के अपने दोनो हात विभाके बोबलो पे लेके विभाके बोबले जोर से दबाये हल्कासा उसका स्कार्फ नीचे से ऊपर किया मु मे मु डाला, अब काफी देर विभा विशाल वैसे ही थे, एकदम lips lock कर के एक दूसरोके होटो का रस पी रहे थे,

अभी विभा ने अपना हाथ उस्के तने हुवे लंड को लगाया “ये बहुत ही बडा हुआ है ये तो आज रात मेरी चुत ओर चुतड जरूर फाडेगा” ऐसा मनमेही बोला. दोनो वैसे ही थे फिर विशाल ने विभा का हाथ पकडा और गद्दी पे लेके आया. अब विभा गद्दी पे दोनो पैर फैलाके लेट गयी वो उपर आया विभा को किस किया, नीचे तक गया मेरी चुत मे अपना मु डालके अपने जीभ से विभा की चुत चाटने लगा. विभा भी मधहोश होने लगी विभा के मु से भी आवाजे आने लगी “हू आ ओआऊच” लेकिन अभी भी विशाल ओर विभा दोनो अपने मुह पे scarf लपेटे हुवे थे,

अब विशाल ने अपना लंड विभा के चुत के होल पे रखा एक हलकासा धक्का दिया. मै थोडी हलकिसी चिल्लयी “ohhhhuuu” फिर और एक धक्का दिया. विशालका लंड थोडा अंदर गया उसने निकाला और कहा “अरे आप को तो प्रॉब्लेम है, दर्द हो रहा है ” विभा ने ना कि मुड़ी हिलायी, एक हा कि भी मुंडी हिलाके उसे आगे आने की परमिशन दी, फिर से उसने विभा की चुत चाटना शुरू किया विभा के मुह से अवाजे आनी लगी “Humm uuuu Ohh” चुत चाटचाट के गीली हो गयी, अब विशाल ने फिर से अपना लंड उसके चुत पे रखा ओर ज़ोर का झटका दिया, वो ज़ोर का झटका इतना भारी था के विशाल का लंड आधा घुस गया विभा के चुत मे, उसी वक़्त झटके कारन विभा का स्कार्फ निकल गया, तभी विशाल ने उसका face देखा ओर surprise हुआ बोला “ohhhh ममी आप” विशाल अपना लंड विभा के चुत से निकालने ही वाला था तभी विभा ने अपना
हाथ विशाल के पीछे गांड़ पे लिया ओर कहा “ohhhh विशाल अब रुक mat, fuck me dear, चोद muze, चोद आज तु अपने ममी को, fuck your mummy today, my dear son मेरे बेटे विशाल आजा चोद मुझे ohhhh, पीला तेरे लंड़ का पानी आज अपनी ममी के चुत को, ohhhh dear don’t stop fuck me ohhhh ouch”

फिर ये सब सुनके विशाल जादा उत्तेजित होगया उसने
उसने एक झटके मे लंड़ बाहर निकाला, अपना scarf निकाला जो उसके face पे था अपना नीचे लपेटा हुआ silky कपड़ा भी निकाला, तुरंत ही विभा ने ऊपर लपेटा हुआ दुपट्टा नीचे लपेटा हुआ दुपट्टा भी निकाला, अब विभा विशाल ममी बेटा पूरे नंगे थे, उसने फिर से लड़ को विभा के चुत पर रख कर ज़ोर का झटका दिया, विभा तभी फिर चिल्लायी “ahahah Ohh dear, ouch please” अब विशाल के झटके बढ़ ने लगे तभी वो बोला “ohhhh विभा I love you, Ohh dear love you” विभा भी बोली “ohhhh dear विशाल ooouch तुम मुझे ममी ही बोलो, आज मै Incest sex का आनंद लेना चाहती हु, ohhhh my son fuck me dear love you my son” विशाल भी बोला “yass ममी don’t worry i will call you ममी only” विशाल अब बेकाबू हो गया था, उसने अब ज़ोर से विभा के मंमो को पकड़ा ज़ोर से दबाया चाटने लगा काटने लगा, विभा भी अब ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी, दोनों अब एकदम जानवरो जैसे एक दूसरे को चोदने लगे थे, दोनों अब बेकाबू हो गए थे, ममी बेटे की चुदायी अब रंग ला रही थी, झटके बढ़ने लगे विभा बोली “ohhhh dear विशाल घुसा तेरा मेरे चुत मे, ज़ोर से ओर ज़ोर से, ओर ज़ोर से घुसा, आज पिला तेरा पानी मेरी चुत को आज कर अपनी ममी की चुत गीली अपने गाढे चीक से, ohhhh dear my son मेरे बेटे विशाल”

नीचे से विभा भी अपनी गांड़ उछल उछल के विशाल के झटको को साथ दे रही थी, दोनों ऊपर नीचे उछल उछल के एक दूसरे को साथ दे रहे थे, तभी विशाल बोला “ohhhh dear ममी अब मै झड़ने वाला हु, I am cumming ममी” विभा बोली “Ohh dear son I am cumming too, मै भी झड़ नेवाली हु, डाल तेरा पानी मेरे चुत मे बेटे, डाल बेटे भर दे अपनी ममी की चुत, आज तु बुझादे मेरी प्यास बेटे, कब से तड़प रही हु बिना सेक्स के, ohhhh dear I am cumming ohhhh um uhh umh Ooouch”

अब ममी बेटे की पकड़ भारी हो गयी विशाल के आखरी झटके मे उसका पूरा चीक विभा के चुत मे घुस गया, दोनों शांत हो गए वैसे ही पड़े रहे एक दूसरे को चूमने लगे, थोड़ी ही देर मे दोनों सो गये तब करीब 12 बज कर तीस मिनिट होंगे, थोडे सोगये वो लेकिन कोनसी नींदी आज तो सेक्स की रात थी, थोड़े ही देर मे एक हाद घंटे मे उठ गये, दोनों ने थोड़ी थोड़ी व्हिस्की पी,

फिर विभा ने कहा “चल बेटा, अब मेरी चुतड चुदवा” उसने विभाके पैर उपर किये लेकीन विभा थोड़ी चुबी मोटी थी इसलिये जम नही रहा था. तो विशाल कहा “ममी हम डॉगी स्टाईल मे करते है” विभा ने कहा “ओह, तो मै कुतीया बन जाऊ?” विशाल कहा “हा हम कुतों जैसे करते है” विभा कहा “ठीक है. मै तेरी कुत्ती बन जाती हू और तू मेरा कुत्ता बन जा”
फिर विभा उलटी होके घुटनो पे बैठ गयी. विभाकी चुतड उस्के तरफ थी, पूरी नंगे थे ममी ओर बेटा उसने, विशाल ने अपने लंड को थूक लगाके विभा के चूतड गांड के होल पे रखा. एक जोर का ठोका विभा चिलाई “आआऊच बेटा थोडा धिरे आऊच” विशाल का ठोकना जारी था और विभा का चिलाना जारी था. अब विशालका लंड आधे से जादा विभा के चुतड मे घुसा था.

तभी विशाल ने कहा “मम्मी क्या मैं आपसे एक सवाल पूछ सकता हूँ”
विभा ने कहा “हां बेटा पूछो जो पूछ ना है, बिंदास पूछो” विशाल ने कहा “मम्मी आपका साइज क्या है”
विभा ने कहा “अरे बेटा तुम्हें मेरे साइज में इतनी दिलचस्पी है” विशाल ने कहा “मम्मी बताओ तुम्हारा साइज क्या है”
विभा ने कहा “बेटा, मेरे ये बड़े स्तन चालीस, मैं अड़तीस डबल D का ब्रा पहनती हु, कमर इकतीस और कूल्हे पैंतालीस हैं”
विभा के चुटडो की साइज सुन कर विशाल बहुत जोश में आ गया और उसने फिर से विभा के कूल्हे में अपना मोटा लंड घुसाके जोर दार चुदाई करने लगा.

विभाभी कमर और गांड हिला हिला के बीच बीच मे चिलाके विशाल अपने बेटे को साथ देने लगी. अब विशालने अपना लंड निकाला विभाके चुतड का होल अपने दोनो हातोसे फैलाया और थूका विभा अपनी ममी की चुतड मे फिर से लंड विभाके चुतड मे घुसाया. अब विभाको भी मजा आने लगा विशालका लंड जैसा जैसा विभा के चुतड मे घुसने लगा विभाको दर्द और मजा दोनो आने लागा. अब विभाभी पुरा उसका साथ देने लगी और ममी बेटे दोनो एक दुसरे की चुतड और कमर हिला हिला के साथ देने लगे. विशाल ठोके जारी थे ठोकते वक्त वो बोला “ममी मेरा पानी निकलने वाला है” विभाने कहा “हा बेटा निकाल दे तेरा पुरा पानी मेरे चुतड मे please भर दे मेरी चुतड अपने लंड के चीक से please”
विभाकी चुतड चिपचिपासी होने लगी, उसका स्पीड बढने लगा एक तरफ विभाकी चुतड मार रहा था दुसरे तरफ विभाके मामे दबा रहा था, विशालका स्पीड बढ गया उसने जोर से एक ठोका दिया और अपने शरीर का वजन विभाके उपर डाल के उसे जखेडा, विभा समझ गयी उसका पानी चीक निकल रहा है, विभा की चुतड भी उस्के चीक से भरने लगी उसका गरम चीक विभा अपने चुतड मे मेहसुस करने लगी, वो वैसे ही पडा रहा विभा के उपर, देखा घडी मे दो बज कर तीस मिनिट हुए थे उसने विभा को पौना घंटा चोदा.

अब विभा ओर विशाल वैसे ही लेटे रहे, विभा ने विशाल के माथे पे चूमा ओर कहा “विशाल अब तु खाली बेटा नही मेरा बॉयफ्रेंड और पती भी है” अब विभा विशाल लव्हर है. अब तक रात को दो बार मा बेटे मे चुदायी हो चुकीथी, थोड़े दिन ऐसे ही गए.

एक दिन विशाल विशाल ले कहा मेरा एक ऑफिस का दोस्त थोड़े दिनों के लिए इस ऑफिस के ब्रांच में आरा है, तो क्या वो थोड़े दिनों के लिए हमारे साथ रह सकता है? मै जब बाहर टूर पे गया था ऑफिस के काम के लिए तब मैं कुछ दिन उसके ही घर था.
विभा ने भी ठीक है करके कह दिया लेकिन कहा के के वो यहां नहीं रहेगा उसे संध्या के घर रुकने कहेंगे.
थोड़ी ही देर में संध्या मौसी भी आगयि ये बात हमने संध्या मौसी से भी कही उसने बोला देखती हु, तब विशाल ने कहा अगर तुम uncomfotable हो तो मैं क्या करता हुकी वो जैसे ही आएगा उसको घर खाने पे बुलाता हु, फिर तुम देख लेना.

थोड़े ही दिनों में विशाल उसके फ्रेंड को घर लेके आया शाम को, फ्रेंड का नाम जॉनसन था अच्छा खासा छे फिट के ऊपर और तो और वो साउथ अफ्रीका से था याने समझो एकदम डार्क काला काला लेकिन दिख ने में हैंडसम था, आज पहली बार कोई फिरंग उनके हमारे याने विशाल विभा और संध्या के घर आया था. शाम को ही विशाल एयरपोर्ट पे गया और जॉनसन को घर लेके आया. विभा ने सब के लिए खाना बिना बनाया, जॉनसन काफी अच्छा था तभी संध्या भी घर आगायी, रात को सब विभा संध्या विशाल संध्या की मां याने विशाल की दादिमा और जॉनसन से साथ में ही खाना खाया, जॉनसन काफी फ्री था अब तो वो संध्या के घर ही रह ने लगा था, संध्या जॉन्सन की अब फ्रेंडशिप भी हो गयी थी, कभी कभी दोनो साथ मे घुमने भी जाते थे, चलो छोडो ये सब अब थोडा आगे भी बढते है.

एक दीन ऐसा हूवा विशाल ने विभा से याने आपनी मां से पूछा, मां आप को जॉनसन को देख के कैसा लगता है, विभा घुसा हो गई बोली नही विशाल ये सब सवाल तुम मुझे नहीं करोगे. विशाल बोला मां मैं आप को कुछ दिखा ना चाहता हु, आओ मेरे साथ मेरे रूम में, उस वक्त दोपहर थी, विशाल ने कॉम्प्युटर चालू किया ओर जो दिखाया वो देख के विभा याने विशाल की मां तो हैरान हो गई, विशाल ने संध्या के घर कैमरे लगाए थे जिसमे संध्या और जॉनसन के चूदाई के वीडियो थे.
दोनो याने संध्या और जॉनसन मजे ले रहे थे, जॉनसन अपना बड़ा मोटा काला लंड संध्या की चूत में गांड़ में डालके जोर जोर से ठुकाई कर रहा था, संध्या भी दर्द के मारे चिल्लारही थी. थोड़ी देर वीडियो देख ने के बाद विशाल ने फिर से संध्या याने अपनी मां से पूछा, बताओ तुम्हे कैसे लगा, विभा ने कहा देख मेरे दिल में खाली तुमसे प्यार है और किसीसे नही तो ये सब आगे न तू मुझे दिखाएगा और ना बात करेगा, मै तुम्हारे अलावा दूसरे किसी के बारे में सोच नही सकती,
विशाल ने कहा ओह तो ऐसी बात है, तो मैं चाहता हु के आज रात आप मेरी दुल्हन बन जाओ आज हम पति पत्नी बनके आज की रात हनीमून करेंगे, वैसे भी आज रात घर हम ही होंगे, संध्या मौसी जॉनसन के साथ वीकेंड मानाने गई है और दादी तो वैसे भी सत्संग कैंप में गई है, विभा ने तुरंत ही हा कह दी.

शाम को विशाल ऑफिस का काम कर रहा था तभी विभा ने उसे कहा के मै जरा बाहर जाके आती हु, करीब नौ बजे आगयी, और अंदर बेडरूम में चली गई विशाल ऑफिस का काम ही कर रहा था, वो अंदर गया और विभा से पीछे से जखड़ के उसके गाल को चूमा और पूछा “कहा गई थी मुझे छोड़ के तीन वक्त” विभा ने कहा ” अरे विशाल थोड़ा आराम से धीरज रखो, आज हमे शादी करनी है, सुहागरात करनी है उसकी ही तयारी कर रही थी” विशाल ने कहा “ohh अच्छा, तो क्या क्या तयारी की आपने?” विभा ने एक bag निकाली वो विशाल को देके पूरा प्लान बताया.

अब रात के पौने बारा बजे थे, कुर्ता पहन के सज के बेडरूम में गया देखा तो, बेड पे गुलाब के फूल की बिखरे हुवे थे, बेड पर चारो तरफ से नेट का पर्दा लगाया था, बेड एकदम सुहागरात के लिए तयार था, साम ने देखा तो विभा याने मां दुल्हन की लाल साड़ी वो भी नेट की Transparant पारदर्शी साड़ी वो भी Low Weast कमर के नीचे जिसमे विभा की गहरी नाभी उभर के दिख रही थी, ऊपर Deep Neck Front Knot Blouse पहनी थी याने गहरी गर्दन वाली सामने से गाँठ होती वैसा ब्लाउज पहनी थी, जिसमे उसके मम्मे उभर के बाहर आरहे नाके बल्के बाहर उछल ने की कोशिश में थे देख के ऐसा लग रहा था के वो कभी भी बाहर उछल के आजाएंगे पिंजरे के दो कबूतर आजाद होने के लिए तड़प रहे थे, और हाथ में फूलो का हार लेके खड़ी थी, विभा ने कहा “क्या देख रहा है विशाल” विशाल ने कहा आप की खूब सुरती देख रहा हु, क्या मैं कुछ सवाल पूछ सकता हु आप से” विभा ने कहा “नही अभी पहले हम शादी करते है बारा बजे का मुहुरत है” विभा ने कहा सुनो अब तुम मुझे हार पहनाओगे फिर मैं तुम्हे हार पहनाऊंगी” विशाल ने ठीक है बोलके हार लिया और विभा को पहने लगा, तभी विभा ने कहा “रुको पहले स्त्री पुरुष को हार पहनाती है, एक मिनट शांत रहते है, जब तुम मुझे हार पहनाओगे तब तुम मुझे नया नाम दो जो मेरे कान में बताओ हे, ओर फिर उसी नाम तुम मुझे पुकारोगे आज के बाद “अब रूम में हल्की आवाज से शहनाई बज रही थी, दोनो शांत खड़े थे, विभा ने हार पहनाया विशाल के गले में, विशाल ने भी विभा के गले में हार पहनाकर उसके कान में एक नया नाम रखा, और हल्के से विभा के होटों को चूम लिया” अब विभा और विशाल ने साड़ी के पल्लू की गांठ बांधली एक छोटा सा अग्नि बनाया था उसके सात फेरे लिए, अब दोनो फिर से आमने सामने खड़े थे, विशाल ने गाना चेंज किया शहनाई के बदले, Kamasutra Classical Erotic Song Play किया. फिर विशाल ने विभा के बाजुओं को पकड़ा उसका घूंघट हलकासा ऊपर किया उसे माथे पे, गालों को चूमा और हल्केसे आपने होठ विभा के होटों को चुमके पीछे आया तभी फिर विभाभी अपने होठ फिरसे होटों पे रख के चूमना शुरू किया, विशाल के ऊपर के होटों के बीच विभा का नीचे का होट, विशाल के होटों के बीच में आपने होटों को सटा लिया, फिर lips lock kissing शुरू हुआ दोनो का एक दूसरे के मुंह में जीभ, होटों से होट और जीभ से जीभ touch होने लगी, एकदम lipslock kissing सीन शुरू हुआ, थोड़ी देर ऐसा ही चला फिर विशाल पीछे आया और कहा I love you mom तभी विभा ने कहा “ohh आज तुम मुझे mom नही, नए नाम से पुकारोगे”

विशाल ने तुरंत ही कहा I Love You विभा, विशाल ने विभा का नाम विभा ही रखा था. तभी विभा ने कहा ” ohhh बेटे, ये तो तू ने वही विभा नाम रखा है मेरा ऐसा क्यो”? विशाल ने काहा “मॉम, मैने कई बार तुम्हारे नाम से मूठ मारी है, आज तो मैं तुम्हे तुम्हारा नाम लेके ही चोदूंगा” विभा ने कहा “ओह, अच्छा जी कोई बात नही, बेटे जैसे तुम्हारी मर्जी”

अब विशाल पीछे आया विभा वही दीवार को चिपक के खड़ी थी. तब कामिनी याने विभा विशाल की मां उसने कहा. “तो पतीजी अब पूछो क्या पूछ ना है” तभी विशाल ने कहा “मुझे क्या पूछ ना है” कामिनी ने कहा “ohh भूल गए क्या, तुम मुझे शादी रस्म के पहले पूछ ना चाहते थे” विशाल ने कहा “ohh हा याद आया, अब क्या मैं आप को पूछ सकता हु?” कामिनी ने कहा “हा पतिजी पूछो, मै आप की आज से अर्धानगिरी हु आप के सवालों को जवाब देना मेरा कर्तव्य है” विशाल ने कहा “कामिनी, क्या तुम मुझे इस पहराव के बारे में बता सकती हो जो तुमने आज पहना है” कामिनीने कहा “हां क्यों नही, ये जो मैने साड़ी पहनी है इसे Net Saree कहते है, Net याने जाली, यह transperent होती है, यह मैने जो blouse पहना है उसे Deep Neck Blouse कहते है, उसे आगे से गाठ भी होती है याने इसे Deep Neck Knot Blouse कहते है, उसके अंदर जो ब्रा पहना है उसे Padded Bra कहते है जो पतले पट्टी से स्तनोंको पकड़ के रख ता है, अंदर साड़ी के नीचे जो साया याने paticote पहना है उसे Tight Skirt Peticot For Saree कहते है, उसके अंदर जो panty पहनी है उसे Thong Zero Covarage Panty या Zero Panty Line भी बोलते है जो खाली उपरकी पट्टी से ही बंधी होती है, अब जो ये मेरी पूरी साड़ी पहने का जो तरीका है जिसमे नेवल के नीचे याने नाभी के नीचे के पेट को सटा के पहनी है, बाजुमे हलकेसे मेरे hip याने गांड पे नीचे की तरफ खिसकाया है इस स्टाइल को Altra Low Waist कहते है.

विशाल थोड़ा और पीछे आया वो कामिनी को गहरी आखों से निहार रहा था, तभी वो एग्रेसिव हो के थोड़ा आगे आया तभी कामिनी ने कहा “ohh रुको जरा” एक दूध का ग्लास आगे किया और विशाल को पीने के लिए कहा, विशाल ने कहा “ohh mom तुम्हे तो मालूम है के मै दूध नही पिता” कामिनी ने कहा “भूल गए क्या आज से मै तुम्हारी मां कम बीबी हु, तुम मुझे नाम से ओर मै तुम्हे पतिजी के रिस्पेक्ट की तरह पुकारूंगी, खाली आज के लिए पीयो मेरे लिए बस” विशाल ने दूध पिया. थोड़ी ही देर में विशाल को अजीब सा लगने लगा, वो कामिनी की ओर बढ़ा उसे जखड लिया चूमने लगा, काटने लगा, उसे बेड पे लिया उसकी साड़ी ऊपर की, घूंघट निकल के उसका ब्लाउज खिसका दिया, उसके मम्मो को चूसने लगा, काटने लगा एकदम जानवर बन गया, साड़ी में हाथ घुसा के उसकी निकर खीच ली, रहा नही गया तो पूरी साड़ी उतार दी, ऊपर का ब्लाउज निकल के ब्रा निकाल के कामिनी को पूरा नंगा कर दिया, वो इतना Agressive हो गया था के ये सब उसने एक मिनिट के अंदर ही किया, ऐसा लग रहा थे के वो अब इज्जत लुटने वाला है, तभी कामिनी ने कहा “आजी थोड़ा धीरे, हौले हौले अभी तो पूरी रात बाकी है” लेकिन विशाल कहा सुन रहा था उसने अपना लंड निकाल के पेल दिया कामिनी के चूत में, ठोक ने लगा जोर जोर से, कामिनी भी कराहने लगी आवाजे निकाल ने लगी “ohhh my dear hubby थोड़ा धीरेसे आरामसे चोदो मुझे, दर्द हो रहा है please” विशाल कहा सुन रहा था, अब दोनो प्रॉन पोजिशन में थे, विशाल कामिनी के ऊपर चढ़ गया था, जोर जोर से ठोक रहा था, दोनो के छाती के ठोके बढ़ रहें थे, सासो का स्पीड बढ़ रहा था, प्रॉन पोजिशन में याने बदन को बदन से मिलाप करवाना, विशाल ने गहरी जखद ली थी कामिनी को थी, कामिनी पीठ के बाल सोई थी विशाल उसके ऊपर उसने कामिनी की टांगे ऊपर लेके चोद रहा था, कामिनि के बड़े भारि चालीस के स्तन विशाल की छाती से घिस रहे थे, दोनो का स्पीड बढ़ रहा था, चूदाई जोर शोर में चल रही थी, कल तक जो विभा और विशाल मां बेटे बनके साथ थे आज वो पति पत्नी बन के साथ में थे, आज उन्ही मां बेटो में चूदाई हो रही थी, शादी हुई थी. “Ohh hubby please slowly, slow down hubby, what are you doing Please, ohhhhhh fuck please slow ohhh oooo ooouch, please slow dear, ohhh aasaa please” Vishal ने एक ना सुनी जोर जोर से ठुकाई चालू थी उसकी. विभा याने कामिनी जो कल तक विशाल की मां थी आज उसकी बीबी बनी उसे मालूम था के आज विशाल सुनेगा नही, जो दूध पिलाया था उसमे उत्तेजक जड़ीबूटी डाली थी उस जडीबूटी का ही असर विशाल पे हो रहता था, आज कामिनी पूरा सेक्स का मजा लेना चाहती थी इसलिए उत्तेजित मिश्रण उसने विशाल के दूध में mix kiya था, ताक सेक्स में कोई कसर नहीं रहनी चाहिए.
अब विशाल ने कामिनी को राइट साइड से सोने कहा, उसका एक पैर ऊपर किया फिर से चूदाई करने लगा साथ ही के वो कामिनी के स्थानों को दबाने लगा, चूसने लगा, उसकी गर्दन अपनी ओर मोड़ के lips lock kissing करने लगा, कामिनी का एक पैर बेड़े पे बाजुसे सोई थी दूसरा पैर ऊपर करके नीचे से लंड घुसा रहा था, ठुकाई जोर शोर से हो रही थी, कुछ देर ऐसे चोदने के बाद फिर विशाल ने पिछेसे डॉगी स्टाइल में चोद ना शुरू किया, कुछ देर डोगी स्टाइल में चोद के विशाल ने कामिनी को ऊपर उठाया, वो अब घुटने पे खड़ी थी विशाल लंड जोर शोर से पेल रहा था साथ ही ने पीछे से कामिनी के मोटे भारी स्तनों को दबरहा था, गर्दन पीछे लेके फिर से lips lock kissing शुरू किया, फिर से दोनो अब प्रॉन पोजिशन में आगये, विशाल कामिनी पे चढ़ गया, उसके स्तनों को आपने मुंह में लेके चूसने लगा काटने लगा साथ ही में नीचे से चोद ने लगा, अब कामिनी को भी मजा आ रहा था ” ohh dear hubby, fuck me, fuck mi harder please, ohhh I love your hard cock in my slutty cunt, fuck me hubby fill my hungry pussy with your hard cum, ohhh dear fuck me fuck your slutty mom fuck your wife ohhhhhh please fuck me don’t stop speed up dear, ohhhhhh aaaaa ooouch uff” विशाल की जोरो शोरोसे चूदाई चल रही थी, कामिनी विशाल का बदन एक दूसरे से घिस रहा था. “ohh कामिनी I am gona fuck you hared I will tare apart your tight pussy” कामिनी के कहा “OHHHHHH dear fuck me harder harder more harder” दोनो एक दूसरे को खटके दे रहे थे, चूदाई बड़ी रंग ला रही थी, तभी विशाल ने कामिनी को और कामिनी ने विशाल को जोरोसे झाखेड़ा एक दूसरे को और फिर शांत हो गए, विशाल का गाढ़ा रस कामिनी के योनि में प्रवेश कर रहा था, दोनो वैसे ही पड़े रहे एकदम शांत, एक दूसरे को lipslock kissing करते करते थोड़ी ही देर में दोनो को नींद लग गई.

अब सुबह के चार बजे थे, अचानक दोनो की नींद खुल गई, फिर से दोनों एक दूसरे को सहलाना शुरू किया, अभी भी दोनो के गलेमे शादी का हार था, तभी विशाल ने कामिनी के चूतड़ों पे अपना हाथ लिया, कामिनी समझ गई, धीरे धीरे दोनो में फिर से चूदाई होने लगी. कामिनी डॉगी स्टाइल में अपनी गांड फैलाके थी विशाल ने अपने लंड को थूक लगाके कामिनी के गांड में लंड घुसा दिया, लेकिन कामिनी के चूतड टाइट थे फिर कामिनी ने lubricant दिया विशाल को, विशाल ने अपने लंड को lubricant लगाके फिर से चूदाई शुरू की…

दो तीन दिन घर में ही कामिनी और विशाल मां बेटे की चूदाई हो रही थी, पिछले तीन दिन से कामिनी ने साड़ी तो दूर की बात है मैसी भी नही पहनी थी, वो तो पूरा दिन ऊपर दुप्पटा और नीचे दुप्पटा पहन कर ही घर में थी, जैसे ही मूड होता कामिनी विशाल में चुदाई होती थी.

दो तीन दिन के बाद संध्या मौसी और जॉनसन भी आगए.अब कामिनी की अन्तर्वासना पूरी हो गई थी लेकिन कही तो कुछ गड़बड़ थी, कुछ तो था जो उससे खाए जा रहा था. तभी अचानक विशाल को कॉल आया के काम के सिलसिले में बैंगलोर जाना है, संध्या मौसी को भी कॉल आया ऑफिस के काम से गोवा जाना है. विशाल ने कहा “मम्मी मुझे बैंगलोर दो तीन दिन के लिए ऑफिस काम से जाना है, जॉनसन यही होगा लेकिन वो मौसी के घर ही रहेगा बस आप उसका खयाल रखना खाने पीने का, वो अगले अफ्ते साउथ अफ्रीका जायेगा” कामिनी ने कहा “बेटे जी आप अब मेरे पति हो तो नाम से पुकार सकते हो, ओर मै जॉनसन का पूरा खयाल रखूंगी आप फिक्र मत करना”

दुसरे दिन सुबह जल्दी फ्लाइट से विशाल बंगलोर चला गया, अब कामिनी उसके घर उसने जॉनसन को कॉल किया, “Hi Jonson I am Vishal’s mom, what about your schedule?” Jonson ने कहा ” yaa I need to reach by 10 in the office” विभा ने कहा “Then come over here for breakfast” Jonson ने कहा ” ohh don’t worry, I had something, I will do it on the way” विभा ने “Come here it’s my order, Vishal strictly told to take care of you, so come here” जॉनसन ने कहा “ok Aunty, I am on the way then, just give me 5 minutes”

थोड़े ही देर में जॉनसन आगया. जॉनसन को देख के ही कामिनी के मन में बदन में कुछ अजीब सी हलचल होने लगी, black सात फीट की ऊंची थी उसकी, उसे ब्रेकफास्ट परोसने लगी, कामिनी का गिरता हुआ पल्लू देख देख के जॉनसन के मन में कामवासना जाग उठी,
जॉनसन ने कहा “Hay I want to tel you something, Aunty you are very beautiful” कमिनी ने कहा “Thank You” ब्रेकफास्ट होते ही जॉनसन तुरंत ऑफिस गया, वैसे भी वो जल्दी आनेवाला था, कामनी ने जॉनसन को रात को खाने के लिए भी बुलाया था, जॉनसन भी गया रात को. दोनों ने साथ में ही खाना खाया जॉनसन ने वाइन भी लाई थी. काफी देर हो गई थी तभी कामनी ने जॉनसन को यही रात को रुकने के लिए कहा. रात को बाते और करते करते काफी देर हो गई थी, अब दोनो ओर भी करीब आगये, कामिनी को रहा नही गया उसने जॉनसन को किस किया, तुरंत ही जॉनसन ने भी कामिनी को किस किया, पटक के बेड पे लिया उसकी साड़ी निकाल के ब्लाउज ब्रा खोल के, खुद नंगा हो के, अपना मोटा लंड कामनी मे घुसा दिया, अब दोनो में बहुत जोर से ठुकाई होने लगी, जॉनसन का मोटा लंड कामिनी को तकलीफ देने लगा, लेकिन कामनी ने भी उसे झेला, बाद में जॉनसन से उसके मोटे लंड से कामनी की गांड भी मारी, विशाल बैंगलोर से आने तक कामनी जॉनसन से चूदवा के ले रही थी. विशाल आया, कामनी ने उसका और जॉनसन का हुआ सेक्स अफेयर सीक्रेट ही रखा, लेकिन क्या आप जानते हो, कामनी और जॉनसन के बीच हुआ सेक्स विशाल को भी मालूम था, वो उसका ही प्लैन था, अपनी मां की वासना पूरी करने के लिए ही वो प्लान बनाया.
जॉनसन साउथ अफ्रीका चला गया, ऐसे ही कुछ दिन बीत गए, अब घर पर विशाल, मम्मी और आजी, दूसरे फ्लैट पर संध्या चाची।

कुछ ही दिनों में विशाल की दादी सुधा सत्संग से आईं। एक बार ऐसा हुआ, अजी ने संध्या को रात के खाने के लिए घर बुलाया, खाना खाते समय अजी ने कहा “मुझे तुमसे कुछ बात करनी है”। विभा ने कहा “ओह माँ, क्या कोई खास बात है जो आपने हमें अचानक बुला लिया” आजी ने कहा हाँ “हाँ हम डिनर के बाद बात करेंगे” डिनर हो गया था। अब कमरे में अजी विशाल, उसकी माँ और संध्या थे। आजी ने कहा “संध्या तुम शादी करना चाहती हो या नहीं, विभा का राहु है लेकिन तुम करो, और यह विशाल सुधा शादी के बारे में नहीं सोच रहा है”।

संध्या ने कहा, “माँ, मैं शादी नहीं करूंगी।”
विशाल ने यह भी कहा, “अज्जी, मैं कोई शादी नहीं करूंगा, मैं मम्मी और तुम्हें नहीं छोड़ूंगा।”
आजी ने कहा “विशाल अरे जाने का कोई रिश्ता नहीं है, हम सब साथ रहेंगे” विशाल और संध्या ने एक साथ कहा “कोई ज़रूरत नहीं”

दादी ने कहा “विभा जाओ घर की सारी लाइटें बंद कर दो” विभा ने कहा “क्यों माँ” दादी ने कहा “कुछ क्यों नहीं, जाओ और सारी लाइटें बंद कर दो”

घर में अब पूरा अँधेरा था और केवल बाहर से हल्की सी रोशनी आ रही थी, अब सब कुछ शांत था। आजी ने बोलना शुरू किया “देखो मुझे पता है कि तुम शादी नहीं करना चाहते और मुझे पता है क्यों, मुझे पता है कि संध्या और विशाल के बीच शारीरिक संबंध हैं और मुझे पता है कि विशाल और विभा विशाल के हैं। यह सुनकर हर कोई हैरान है कि तुम किसके साथ सेक्स कर रहे हो।” मेरी बेटी” वो दादी ये सब जानती है.

आजी ने कहा, “मैंने विशाल और संध्या को एक बार सेक्स करते देखा है, मैंने अपनी दोनों बेटियों विशाल और विभा को एक बार सेक्स करते देखा है, अब यह सब बंद करो।”

हर कोई बहुत शांत था.
आजी ने कहा “अब सुनो इन चीजों को घर में रखो, अब मैं तुम्हें तीन विकल्प देती हूं”।

तीनों ने एक साथ कहा “क्या विकल्प”

आजी ने कहा अब रात के 11 बज रहे हैं, तुम तीनों तैयार हो जाओ, विशाल तुम संध्या जो तुम्हारी चाची है और विभा जो तुम्हारी माँ है, की तरह शारीरिक संबंध नहीं बना सकते, भले ही मैं जीवित हूं, मैं आज एक विकल्प लेकर आई हूं, विभा, संध्या .और विशाल तुम आज सबसे पहले शादी करो, कोई बात नहीं लोग दो बार शादी करते हैं, संध्या और विभा आज तैयार हो जाओ और अब रात 12 बजे के बाद तुम तीनों की शादी है, यह कोई विकल्प नहीं बल्कि मेरा आदेश है”

शरमाते, शरमाते, हाँ, नहीं, सभी ने हाँ कहा।
तुरंत शादी की तैयारियाँ शुरू हो गईं, दादी पहले ही शादी की मालाएँ ले आई थीं, वहाँ एक अग्निकुंड था जिसके चारों ओर मैं माँ और संध्या मवशी के साथ चक्कर लगा रहा था। ऐसे ही कुछ समय बीत गया और तीनों ने दादी का आशीर्वाद लिया। आजी ने कहा “अब तुम मेरे कमरे में जाओ, मैंने वहां सब कुछ तैयार कर लिया है”।

रात को शादी हो गयी, अब विशाल रेशमी लुंगी पहने दादी के कमरे में था। दादी ने बिस्तर सजा दिया था, अब विशाल माँ और मौसी का इंतज़ार कर रहा था।
जल्द ही विभा और संध्या उस कमरे में गईं, विशाल को दूध का गिलास दिया, तीनों ने यह दूध पिया। कुछ देर तक शांति रही. फिर संध्या और विभा ने विशाल के सामने अपनी साड़ियाँ उतार दीं, अब मम्मी और आंटी विशाल के सामने पूरी नंगी थीं, विशाल ने अपनी लुंगी उतार दी, अब तीनों बिल्कुल नंगे थे, उनके गले में सिर्फ एक-एक नेकलेस था।

और अब हम तीनों पागल हो गये थे. तीनों खड़े होकर एक दूसरे को चूम रहे थे, एक बार मम्मी विशाल और एक बार संध्या और विशाल और एक बार संध्या और विभा, वे बहुत देर तक चूमते रहे। फिर संध्या नीचे बैठ गयी और विशाल का लंड चूसने लगी. विशाल ने मम्मी के बड़े स्तनों को चूसना, काटना, मम्मी की सूजी हुई उंगलियों को छूना शुरू कर दिया।

अब मम्मी चिल्लाने लगी, आआआआ बेटा, मुझे मेरे स्तनों की और जरूरत है, बेटा, खा जाओ मेरे स्तनों को, लाल कर दो। संध्या चाची विशाल के लंड को विभा की योनि में सावधानीपूर्वक और धीरे से उंगली कर रही थीं।

फिर मम्मी बैठ गयी और विशाल का लंड चूसने लगी, अब विशाल संध्या के स्तन चूसने लगा. लंड को चूस-चूस कर 9 इंच लंबा कर दिया. और अब बो जोर जोर से चूसने लगा. लगभग 10 मिनट चूसने के बाद, जब विशाल ने अपना वीर्य उसके मुँह में छोड़ा, तो माँ और चाची दोनों तीन बार संभोग कर चुकी थीं। मम्मी और आंटी अपने पैर एक दूसरे से रगड़ने लगीं.

अब उसने मम्मी को ऊपर आने के लिए कहा, दोनों 69 की स्थिति में थे और वह उसका लंड चूस रही थी और वह उसकी यानी विभा की योनि चाट रहा था जबकि संध्या विभा की योनि चाट रही थी। अब उसका लंड 10 इंच लंबा हो गया था और मम्मी बोली, अब देर मत करो, इसे मेरी चूत में डाल दो। बिना और समय बर्बाद किए उसने माँ की टाँगें उठाईं और अपना लंड उनकी चूत के होंठों पर सटा दिया। उसने बिना देर किये मम्मी की फुदी पर अपना प्यार डाला और एक के बाद एक धक्के मारे और उसका 4 इंच से ज्यादा लंड माँ की चूत में चला गया और कुछ देर बाद उसने एक और धक्का मारा, अब उसका 10 इंच लंड माँ की फुद्दी के अंदर था। अब उसने धक्के लगाना शुरू कर दिया और अगले 10 मिनट तक ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाता रहा। उधर आंटी सेक्सी आवाजें करते हुए अपनी चूत मम्मी के चेहरे पर रगड़ रही थीं. वे तीनों थोड़ी देर लेटे रहे और अपना वीर्य माँ की योनि पर डालते रहे।

एक घंटे के भीतर विशाल का मुर्गा फिर से बढ़ गया, विशाल ने कहा “कौन मुझे अपने गधे को चोदने देगा” मम्मी ने कहा “बेटा, आज आप अपनी मौसी को चोदने जा रहे हैं”।
पीटते समय आंटी बहुत चिल्ला रही थी.
संध्या बोली, “ओह, धीरे करो, यह मेरा पहली बार है, ओह, बहुत दर्द हो रहा है” आख़िरकार संध्या की गांड झड़ गयी, रात के 4:30 बज रहे थे।

अब विशाल उन दोनों मम्मी और मौसी को चोदता है और सभी सुखी जीवन जीते हैं।

अब विशाल संध्या मौसी, विभा उसकी जो मां थी अब बीबी बन के रहने लगी. अब विशाल दोनो की चुदाई करता है और सब हैप्पी लाइफ जीते है.

आपकी कोमल मॉम ( . )( . )
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Sent: Sat, 09 Mar 2024 09:02:06
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Subject: Hindi Story For Guruji & Hotask


अम्मा की सुहागरात जंगल मे


मेरा नाम आरती है, मेरी उम्र बयालीस है, मुझे एक बेटा है उसकी उम्र बिस है, मेरे पति नही है मैं ओर बेटा साथ मे ही रहते है मैं काफी बोल्ड हु गाली तो मेरे जुबान पर होती ही है मेरा बेटा काफी डरता है मुझे । मेरी ऊंची पांच फीट तीन इंच है मैं दिख ने में गोरी नही हु सावली हु मेरे स्तन चालीस लटकते हुवे कमर बत्तीस की ओर गांड अड़तालीस की है अब आप समझ ही जाओ मेरी मूसे गालिया आना याने सोचो कई सालोंसे मुझे किसी ने चोदा नही याने मैं कितनी निराश हु। मैं हमेशा चाहती हु के कोई तो मुझे चोदे लेकिन वो कभी नही हुआ मेरे बेटे का नाम प्रकाश है काफी बहुत पतला है, छे फिट ऊंची है उसकी और कॉलेज में है वो।
फिर एक दिन सुबह.
मैने प्रकाश से कहा “प्रकाश आज का प्लान क्या है?” प्रकाश ने कहा “कुछ नही अम्मा. मैने कहा क्यों गर्लफ्रैंड के साथ कुछ प्लान है क्या, प्रकाश ने कहा “अम्मा क्या आप भी मेरी कोई गर्लफ्रैंड नही है” मैन कहा “अरे गर्लफ्रैंड नही पटायेगा तो चोदे गा किसे अब तो तेरी चोदने की उम्र है तो क्या फिर अपनी अम्मा को चोदेगा” उसके चेहरेपे अजीब सा भाव था, मेरी बाते सुन के वो ताज्जुब था फिर मैंने उसे कहा “ठीक है आज के बाद मैं तेरी गर्लफ्रैंड आज के बाद तू मुझे चोदेगा” हम किचन में थे इसकी चाय हो गयी थी सुबह के आठ बजे थे मैने मेरी साडी का पल्लू निकाला वो मुझे देख ही रह गया, मैने उसे एक तमाचा मारा उसका असर ऐसा हुआ के वो जादा उत्तेजित होगया ओर पूरी ताकद से मेरा ब्लाउज फाड़ दिया। मेरे सावले बडे चालीस के मम्मे उसके सामने लटक ने लगे, उसने तुरंत ही अपने दोनों हाथ मेरे मम्मों पे रखे ओर जोर से दबाये मुझे गले लगाके चूमा मैने भी उसे चूमा ओर वो मुझे बाथरूम में लेके गया तुरंत ही वो नंगा हो गया और मेरी भी साडी पूरी उतार दी, मुझे भी नंगा कर दिया शॉवर चालू किया मुझे सीधा जमीन पर लिया मेरे पैर फैलाये अपना लंड मेरे चूत में घुसा दिया ओर जोर जोर से पेलने लगा पूरी ताकद के साथ अब मैने भी मेरी गांड उछलना शुरूकिया, और उसे साथ देने लगी उसके झटके बढ़ रहे थे हमारी सासे भी तेज हो रही थी, उसने मेरे लटकते ममो को कसके पकड़ा और जोर से दबाके काटा मैबोली “अरे मादरचोद इतना जोर कहा से आया तुझे?” अहह क्या मस्त चोद रहा है मुझे, कहा से सीखा ये सब, बहुत ही ताकद है तुझमे?”


वो बोला “अरे मेरी प्यारी अम्मा ये भी कोई सिखानेकी चीज है,?” मैं बोली “हा वो ठीक है, लेकिन फिर भी”। अब उसने मेरे पैर अपने खंदो पर लिए ओर आपने हातोसे मेरे मम्मों को जोर जोर से दबाने लगा निचेसे पेलने भी लगा, पक पक पक पक ऐसी आवाजे आने लगी हमारी चुदाई जोर जोर से होने लगी, तभी वो बोला “अम्मा लंड निकालू क्या बाहर? मेरा पानी निकलने वाला है” मैने कहा “नही बेटा डाल पानी अंदर” अब हम उस सिमा पे पहुचे ओर शांत हो गये उसका पूरा पानी मेरे चूत में घुस गया वो मैं महसूस कर रही थी और मेरा भी पानी निकल गया अब हम लोग शांत हो गए।


थोडी देर में प्रकाश बाहर चला गया उस दिन शनिवार था, मै भी नहा धोके घरेलू काम मे लग गयी, फिर मै शॉपिंग करने चली गयी मुझे मालूम था प्रकाश अपने दोस्तों के साथ हमेशा नाकेपे होता है और मेरा रास्ता भी वोही था, मैं साड़ी पे थी घर आते वक्त देखा तो वो वोही खडा था नाकेपे ओर मुझे सेक्सी नजर से देख रहा था,
मैने भी एक सेक्सी नजर दी उसको, वही पे थोड़ी शॉपिंग की अब तो घर जाके खाना बनाना था,
शॉपिंग करते वक़्त उसे टॉकसप मेसेज किया


मैं, कुछ स्वीट लू खाने मे
बेटे ने रिप्लाय किया
बेटा, हा लो
मे, ठीक है रसगुल्ले लेती हु
बेटा, ठीक है मैं भी आता हूं थोड़ी देर में एक स्पेशल स्वीट लाता हु
मै, ओह अछा ठीक है


उसे ओर एक सेक्सी नजर दे के मैं घर आगयी, अब मे मेरे घरेलू काम मे लग गयी.


फिर से मेसेज आया
बेटा, अम्मा साड़ी अछि लग रही है
में, अछा साड़ी ओर मैं कैसी हु, मैं तो सावली हु ना दिखने में,
बेटा अम्मा आप काली हो लेकिन कामुक और सेक्सी हो
मैं, चल हट कुछ भी बोलता है


थोड़े ही देर में बेटा भी घर आगया
उसने एक ग्लास लाया ओर कहा
अम्मा ये पिलो।
मैने कहा “ये क्या”
उसने कहा “ये ठंडाई है, मस्त है ये पियो” मैंने एक नही तो दो ग्लास फूल पिये. थोड़ी ही देर में हमने खाना भी खाया. अब दोपहर के दो बजकर तीस मिनिट हुए थे, खाना काफी ज्यादा हुआ ओर ठंडाई के कारन कुछ अजीब सा होने लगा, अब हम मेरेही बेडरूम में थे, काफी देर हम पड़े रहे, उसने मुझे वीडियो दिखाये सेक्स के, बीच बीच मे हम मीठा भी खा रहे थे, तभी थोड़ी देर में बेल बजी, उसने ओर ठंडाई मंगाई थी, मीठा खाओ, ठंडई पियो, वीडियो उसमे कुछ वीडियो ऐसे भी थे जिसमें आदमी ओरत गांड मार रहा है, इसमे शाम कब हुई पता भी नही चला, अब शाम के करीब छे बजे थे। वो बीच बीच मे मेरे मम्मों को भी दबा रहा था मैं साडि पे थी और वो नंगा नही टॉवेल पे था।
तभी वो निचे गया उसने मेरी साड़ी उपरकी मेरी पेन्टी उतारी ओर मेरे बुर को चाट ने लगा अपनी जीभ डालने लगा, मुझे मजा आरहा था सेक्स का ओर ठंडाई का नशा भी था।
मैं बोली “आआ क्या मस्त चाट रहा है, ओ आ मजा आरहा है” इसमे ही हमारा काफी वक्त गया, हमने उल्टा पुल्टा भी किया मैंने उसका लंड चूसा ओर उसने मेरी बुर, फिर वो मेरे ऊपर चढ़ा ओर कहा आज रात सुहागरात करते है। अब शाम के सात बजे थे वो उसके दोस्तों के पास गया और में शॉपिंग के लिए गयी।


उसका मेसेज तैयार रह ना आज रात हमे कही जाना है दस बजे।


एक शादी की साड़ी लायी ओर नॉट ब्लाउज लाया, बीच बीच मे मैं ठंडाई पी रही थी, ठंडाई का नशा छा रहा था। वो तुरंत ही आया। उसने एक गद्दी निकाली हमने कुछ जरूरी सामान लिया और निकल पडे। कार से गये करीब सत्तर किलोमीटर का रास्ता होगा। हम एक सुनसान जगह पे आये, जंगल ही था वो। उसने सामान उठाया और कहा चलो अब। मैंने कहा, ये कहा आगये हम, उसने कहा “चलो तो सही”।
फिर कुछ ही देर में हम वहा पहुच गये, वाह क्या जगह थी वो। पूरा जंगल ओर एक तालाब था, ओर वो जंगल पूरे जुगनुओं से चमक रहा था।
मैरे तो होश ही उड़ गये वो जगह देख के। रात को चांद के उजाले में वो जंगल, तालाब ओर जुगनुओं से चमकते हुये पेड़ काफी सुंदर लग रहे थे।


फिर मैंने शादी की साड़ी पहनी। वो मुझे एक झाड़ियो में लेके गया। गद्दी बिछायी हुयी थी। हम दोनोने एक दूसरे के गले मे हार पहनाये, उसने मेरा घुंगत ऊपर किया मुझे चूमा, तुरंत ही मेरे मम्मोंको ज़ोर से दबाया निचोड़ ना शुरू किया, उसने मेरी चूत के बालो को सहलाना शुरू किया, मैने अपनी आंखे बंद कर ली और जोर जोर से सासे खींचने लगी, इसके बाद उसने मेरे बेटेनें ने मेरी चूत को अपने दोनो हाथो से फ़ैलाया और बोला ये तो बहुत ही सख्त है, जैसे कि अभी तो बिलकुल कुवारीहै, फिर उसने सरसो का तेल की बोतल खोली ओर मेरी चूत को तेल लगाने के बाद आपने भी लंड पे तेल लगाया, फिर मेरी जांघे फैलाई अपने
लण्ड को एक हाथ से पकड़ के मेरी चूत पर सटाया और दूसरे हाथ से मेरी के चूत को फ़ैलाया, उसने अपने लण्ड को मेरी चूत के होल पे रख के अपने कमर को हलका सा आगे के तरफ़ किया तो मेरी मुह से हल्की सी सिसकी निकिली।
मुझे लगा के उसके लंड का अगला टोपा अंदर गया लेकिन वैसा नही था, वो खाली खेल रहा था और मेरी चुत भी काफी तनी हुई नही थी वो सुकेड गयी थी, मेरी चुत अब उसके लिए छोटी थी।


उसने अपने लण्ड को मेरी चूत के छेद पर रख के जोर से झटका मारा तो मैं अपने जगह से दो इन्च ऊपर घसक गई। उसने ध्यान से देखा तो पाया कि उसका लण्ड मेरे में चला गया था। अब उसने अपने कमर को धीरे धीरे हिलाने लगा और मैंभी उनके हर झटके के साथ हिलने लगी। अचानक अब उसने मेरी के ऊपर लेट गया और हम दोनों एक दूसरे को अपने बांहों में कस लिया, उसने ने मेरे होटो को चूमा एक निचेसे झटका मारा तो मैं चिल्ला उठी। उसने पूछा दर्द कर रहा है?


तो मेंने कराहते हुये जवाब दिया
हां आ आउच, उई माँ


अब उसने मेरी दोनों कलाईयों को पकड़ कर एक जोर से झटका मारा तो मैं तो जैसे पूरी तरह से कांप गई। अब उसने मेरे मम्मों के चूचियों को मुँह से पकड़ के धीरे धीरे पीने लगा और अपने कमर को धीरे धीरे हिलाने लगा। मैं अब पूरी मस्ती के साथ आहे भरने लगी। अब उसने अपने लवड़े को मेरे अन्दर घुसने के लिये जोर जोर से दो तीन चार झटके मारे तो मैं पूरी तरह से कांपते हुये आ औऊच, आ आ ओह आवाज निकाल रही थी और उधर वो अपने कमर को जोर जोर से हिला रहा था।


तभी मैंने बोला आजी थोड़ा धीरे धीरे अन्दर डालिये जी आआआआ ओह्ह उफ, उसने मुझे बोला कि अम्मा अभी तो आधा ही अन्दर गया है। आज तो तेरे इस चुत को पूरी तरह से भर दुंगा अम्मा।
मैने बेटे से कहा “हाजी लेकिन मुझे अम्मा मत बोलना मुझे आरती बोलना।


ये कहते हुये उसे मेरे बेटे को जोश आया उसने ने जोर जोर से तीन चार झटके लगाये तो मैं ओरभी
आआआआऔऊऊच की आवाज के साथ जैसे धीमी आवाज में चीख पड़ी।
उसने कहा ओह आरती तुम क्या हॉट हो dear i love you आरती my darling। मैंने कहा अछाजी अब आपका ये सामान मेरे में घुसने के लिए ऊऊच इतनी तकलीफ हो रही है ओआ लेकिन सुबह जब आप ने मुझे बाथरूम में चोदा तो आप का सामान कैसे अंदर गयाजी। तब उसने कहा आरती सुबह मैंने मेरे सामान को साबुन लगाया था डार्लिंग। मैंने कहा ओआ आछाजी आप तो बड़े ही चलख हो।


फिर उसने अपने लण्ड को थोड़ा बाहर निकाल दिया और मेरे दोनो चूंचीयों को फ़िरसे मसलना काटना शुरू कर दिया कुछ देर के बाद उसने अपने कमर को जोर जोर से हिलाना शुरू कर दिया और मेरी भी आआआआआआ आउच्च की आवाज आने लगी। जब उसने देखा कि अब रुकना नहीं है तो अपने होठों को मेरे होठो को कस लिया और जोर जोर से झटके मारने लगा।


तब मैन अपने होठों को अजाद करते हुये पूछा कि अब और कितना बाहर है जी। उसने बोला कि थोड़ा है आरती डाल दूं पूरा तो मैने हामी में अपने सर को हिलाया। उसने अपने कमर को जोर के झटके के साथ अपने लण्ड को पूरा अन्दर कर दिया। कुछ देर तक जोर के झटके मारने के बाद मैने जब फ़ील किया कि मेरी चूत में उसका अब पूरा घुसनेवाला है तो उसने एक तरफ़ से मेरी चूंचीयों को जोर से मसलना काटना शुरू किया तो दूंसरी तरफ़ मेरे होठों को चूसना शुरू किया। अब मैंभी उसके सुर के साथ अपना ताल मिलाने लगी थी। उसने पूछा मजा आ रहा है डिअर तो मेंने सर हां में हिलाया। कुछ देर के बाद उसने एकहि जोर का झटका मारा अपने लंडको पूरा चूतमें घुसाके मेरी चुत को गीला करने लगा तो मैं आआआ ईईईईई ऊऊऊउ करके अपने दोनो हाथो को उसके पीठ पर रगड़ते हुए पूरी तरह से उसके अगोश में आ गई।


कुछ देर तक वैसे ही पड़े रहने के बाद उसने धिरे धीरे लंड को मेरी चुत निकाला, चुत काफी टाइट थी मेरी लंड निकलते वक्त थोड़ी तकलीफ हो रही थी। मैं चुपचाप कुछ देर तक वैसे ही लेटी रही फिर उठ के अपने कपड़े पहनके में वही बैठ गयी मुसकुराते हुए उसके मेरे बेटे के तरफ़ देखती रही।
एक बार हम दोनोने एकदूसरे को फिर से चूमा। मैने कहा याद है ना अब तुमुझे मेरे नाम से बोलेगा, उसने कहा हा आरती आज से मैं तुझे तेरे नाम सेही बोलूंगा। तब से हम पतिपत्नी जैसे है रहने लगे।


ऐसी हुयी हमारी पहली सुहागरात जंगल मे।


फिर हम वाहा से निकले, घर जाते वक्त मैने पूछा
“बेटे, क्या बताऊं, मेरी कई सालोसे चुदाई नही हुई, मैने किसी को भी अपने बदन को हाथ भी लगाने नही दिया, ऊपर से मैं दिख ने में काली, इसलिए मैं हमेशा frusted रहती हु और घुसा करती हु”


बेटे ने कहा “अम्मा, मैं ये सब समझ ता हु, आप टेंशन ना लो, आप दिख ने में काली जरूर है लेकिन आप बहुत कामुक और सेक्सी है, आज के बाद हम दोनो मां बेटे incest चुदाई करेगे, गर्लफ्रेंड ब्वॉयफ्रेंड जैसे चुदाई करेगे और पति पत्नी बन के भी चुदाई करेंगे”


मैने कहा ” Ohh अच्छा, ठीक है”
बेटे ने कहा “अम्मा लेकिन एक बात है, मुझे तुम्हे अम्मा बोलके ही चोदने में मजा आयेगा, incest में जादा मजा है”


मैने कहा “ठीक है बेटे, जैसे तुम्हारी मर्जी”


फिर उस रात हम घर आए, घर आने के बाद उसने मेरी गांड की भी चुदाई की और गांड की सील तोडी.


अब हम एक दूसरे से हमेशा चुदाई करने लगे.


आपकी कोमल मॉम ( . )( . )
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